ईरान में भारी उथल-पुथल मची हुई है। तेहरान में 28 दिसंबर को दुकानदारों की हड़ताल से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन तेजी से कई शहरों तक फैल गए हैं। पहले तो महंगाई और आर्थिक ठहराव के खिलाफ आवाज उठी, लेकिन जल्द ही ये सरकार विरोधी बड़े आंदोलन में बदल गए। सुरक्षा बलों से झड़पों में अब तक कम से कम 27 लोग मारे जा चुके हैं। इसमें पांच नाबालिग भी शामिल हैं। नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स ने ये आंकड़े दिए हैं।

प्रदर्शनकारियों की स्थिति गंभीर होती देख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी। ट्रुथ सोशल पर पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से मारेगा, जैसा उसकी आदत है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। ट्रंप ने ये नहीं बताया कि मदद किस रूप में होगी, न ही कोई तत्काल सैन्य या आर्थिक कदम की घोषणा की है। हालांकि, क्षेत्र में अमेरिका की बड़ी सैन्य मौजूदगी बनी हुई है।