Cash Hall Case : अपने खिलाफ महाभियोग प्रक्रिया का सामना कर रहे इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा सुप्रीम कोर्ट से झटका मिलने के बाद आखिरकार संसदीय जांच समिति के सामने पेश हुए। इस दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर जब आग लगी थी, तब वह अपने घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने ये भी दावा किया कि वहां से कोई कैश बरामद नहीं हुआ। लोकसभा स्पीकर द्वारा गठित जांच समिति के सामने उन्होंने अपना बचाव किया है। गौरतलब है कि पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत गठित संसदीय समिति की वैधता को चुनौती देने वाली जस्टिस वर्मा की रिट याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस याचिका में संसद के दोनों सदनों में समानांतर महाभियोग प्रस्तावों और राज्यसभा के उपसभापति द्वारा प्रयोग किए जाने वाले अधिकार से संबंधित संवैधानिक प्रश्न उठाए गए हैं। Post navigation Delhi Yamuna River Cruise तैयार, इन सुविधाओं से होगा लैस