Deoria : अब्दुल गनी शाह की मजार का विवादों से पुराना नाता रहा है। वर्ष 2017 में धन उगाही का मामला तूल पकड़ लिया था, जिसमें सदर कोतवाली में चार लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगाई थी। वर्ष 2017 में कुछ लोगों ने प्रबंधन को लेकर दावा करते हुए रसीदें छपवाई थीं तो दूसरे पक्ष का आरोप था कि वे लोग फर्जी रसीदें छपवाकर लोगों से धन उगाही कर रहे हैं। दावा किया गया था कि यहां जिले के अलावा कुशीनगर, महराजगंज, गोपालगंज व सिवान के लोगों से शहीद बाबा की मजार पर लगने वाले उर्स व अन्य कार्यक्रमों के नाम वसूली किया जा रहा है। करीब 25 से 30 लाख रुपये से अधिक की धन उगाही की गई है। इसके बाद प्रबंध समिति में बदलाव हो गया। लोगों का कहना है कि मजार से सालाना लाखों रुपये की आमदनी होती रही है। यहां मानसिक रूप से बीमार महिलाएं बड़ी संख्या में आती रही हैं। मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग की टीम लोगों को झाड़-फूंक की बजाए उपचार के लिए सलाह देने आती थी। Post navigation Ayodhya में नॉनवेज बेचने पर पूरी तरह पाबंदी, Online मंगाने की गलती न करें Contaminated Water Issue : UP, MPऔर राजस्थान की सरकारों को नोटिस